वाग्योग चेतना पीठम में रूस के एक व्यक्ति ने ली गुरू दीक्षा

धार्मिक नगरी काशी में आज एक विदेशी नागरिक ने गुरु दीक्षा ली। रूस के सेंटपीट्सबर्ग से वाराणसी आए एंटोन अब अनंतानंद नाथ हो चुके हैं। हिंदू रीति-रिवाज से नामकरण के साथ ही उनका गोत्र भी कश्यप कर दिया गया है। वाराणसी के शिवाला स्थित वाग्योग चेतना पीठम् में बकायदा अनुष्ठान और विधि-विधान से उन्होंने मां तारा की तांत्रिक दीक्षा ली। गुरुदेव  प्रोफेसर वागीश शास्त्री के शिष्य वाग्योग और चेतना पीठम् के अध्यक्ष पंडित आशापति शास्त्री ने उन्हें दीक्षा मंत्र दिया।

रूसी नागरिक को मंत्र देने वाले वाराणसी के पंडित आशापति शास्त्री ने कहा कि पूरी दुनिया में यूक्रेन और रूस से दीक्षा लेने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। गुरु वागीश शास्त्री और मेरे द्वारा अब तक 80 देशों के 15 हजार विदेशी शिष्यों को दीक्षित कर दिया गया है।

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