फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस से मामले की केस डायरी तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने दलील दी कि फायरिंग आत्मरक्षा में की गई थी और इसका उद्देश्य किसी प्रकार का भय फैलाना नहीं था।
खान सर ने सोमवार को पटना जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और हथियारों के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़ा मामला दर्ज है। वहीं, इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। दूसरी ओर, खान सर के सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस से साक्ष्य मांगे हैं। इस मामले में फैसला 10 जून को सुनाया जा सकता है। एफआईआर में आरोप है कि खान सर ने अपने सुरक्षा गार्डों को फायरिंग करने के लिए कहा था। हालांकि खान सर का दावा है कि भीड़ के हमले के दौरान गार्डों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।
उनका कहना है कि पुलिस के देर से पहुंचने के कारण सुरक्षा कर्मियों को यह कदम उठाना पड़ा। इस बीच, रौशन आनंद के समर्थन में छात्रों ने पटना में कैंडल मार्च निकाला और उनकी रिहाई की मांग की। वहीं, विवाद के बीच सामने आए एक वीडियो में खान सर कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और उससे जुड़े घटनाक्रम पर अपनी बात रखते नजर आए। उधर, खान सर के चाचा निसार अहमद ने उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए डिग्रियों को फर्जी बताया है। हालांकि इन आरोपों पर खान सर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं।


