महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार झटके झेल रहे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 5 जुलाई से राज्यभर में 'राम रक्षा' आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले पर जवाब देना होगा।उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में कथित हेराफेरी हुई है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भाजपा "ऑपरेशन राम मंदिर" चला रही है और क्या कथित रूप से गबन की गई रकम का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए किया जा रहा है।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपाइ के चर्चित कथन "अब हिंदू मार नहीं खाएगा" का जिक्र करते हुए कहा, "अब हिंदू माफ नहीं करेगा।" ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर भ्रष्टाचार और लूट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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यह आंदोलन ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब उद्धव ठाकरे की पार्टी लगातार राजनीतिक दबाव का सामना कर रही है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने हाल के दिनों में उद्धव गुट के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने साथ जोड़ लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले सचिन अहीर भी शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं, जिससे ठाकरे की राजनीतिक चुनौती और बढ़ गई है।
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राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। अब तक चढ़ावे के संग्रह और गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है।
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