वाराणसी। भेलूपुर क्षेत्र स्थित अवध गर्वी इमामबाड़े में मोहर्रम के पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे और हजरत अब्बास की याद में फातिहा पढ़ी। इस दौरान लोगों ने अपने पूर्वजों और बुजुर्गों की कब्रों पर फूल और चादरें चढ़ाकर उन्हें खिराज-ए-अकीदत की।
सुबह से ही इमामबाड़े में "अकीदतमंद का आना-जाना लगा रहा। अकीदतमंदों ने इमामबाड़े में पहुंचकर धार्मिक रस्मों का पालन किया तथा हजरत अब्बास की कुर्बानी और उनके आदर्शों को याद किया। लोगों ने फातिहा पढ़कर अपने और अपने परिवार की खुशहाली, तरक्की तथा मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे के लिए अल्लाह तआला से दुआएं मांगीं।
इस अवसर पर इमामबाड़े का माहौल पूरी तरह धार्मिक आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। लोगों ने अपने बड़े-बुजुर्गों की कब्रों पर फूल अर्पित किए और चादरपोशी कर उनके लिए मगफिरत की दुआ की।
मोहर्रम इस्लामी इतिहास में त्याग, बलिदान और इंसानियत के मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। इसी क्रम में अकीदतमंद हजरत अब्बास और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लेते हैं। अवध गर्वी इमामबाड़े में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और सभी ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति बनाए रखने का संदेश दिया।
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