50 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप, भाजपा नेता समेत 10 के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज

मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा द्वारा सीजेएम न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र के आधार पर विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय, भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार तथा निबंधन कार्यालय के लिपिक सत्यांशु सिंह को नामजद किया गया है। शिकायत में आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया।
याचिका के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा पिछले दो वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इलाज के दौरान रिश्तेदार विशाल मिश्रा और घरेलू चालक रवि उपाध्याय ने उनका विश्वास जीतकर आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने बैंक खाता खुलवाया, नया मोबाइल सिम जारी कराया तथा पेंशन खाते से जुड़े मोबाइल नंबर में बदलाव करा दिया, जिसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई।
शिकायत में दावा किया गया है कि 7 अप्रैल 2026 को डायलिसिस के बाद अर्धचेतन अवस्था में ओमप्रकाश मिश्रा को गंगापुर स्थित उपनिबंधन कार्यालय ले जाया गया, जहां लगभग 660 वर्गमीटर जमीन का बैनामा नितेश राय के नाम करा दिया गया। इसके बाद करीब 65 बिस्वा भूमि और एक व्यावसायिक गोदाम दो दानपत्रों के माध्यम से विशाल मिश्रा के नाम दर्ज करा दिए गए। आरोप है कि उसी रात संबंधित संपत्तियों के विक्रय और अनुबंध से जुड़े अन्य दस्तावेज भी निष्पादित कर दिए गए।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंजीकरण प्रक्रिया में प्रयुक्त डिजिटल फोटो दस्तावेजों के पंजीकरण के काफी बाद लिए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठते हैं। प्रमिला मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पहले रोहनिया थाने, पुलिस आयुक्त वाराणसी तथा 2 मई 2026 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत सीजेएम न्यायालय में अर्जी दाखिल कर मुकदमा दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की।मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम न्यायालय ने एफआईआर दर्ज कर जांच कराने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।उल्लेखनीय है कि शिकायत में भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है और मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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