देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए समान काम-समान वेतन का मामला अब विभागीय परीक्षा की शर्त से जुड़ गया है। समान वेतन का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को अपने पद के अनुरूप विभागीय परीक्षा पास करनी होगी। इस संबंध में जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने आदेश जारी किया है।आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को एक महीने के भीतर विभागीय परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में उनके पद से संबंधित कार्यक्षमता और योग्यता को परखा जाएगा। परीक्षा के परिणाम के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जल संस्थान में उपनल के माध्यम से करीब 150 कर्मचारी डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनो और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर काम कर रहे हैं।डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए कंप्यूटर टाइपिंग, जबकि स्टेनो कर्मचारियों के लिए शॉर्टहैंड और कंप्यूटर टाइपिंग की परीक्षा प्रस्तावित है। इस शर्त के सामने आने के बाद कर्मचारियों के बीच नाराजगी और चिंता का माहौल है।

उत्तराखंड जल संस्थान अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने विभाग के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। मोर्चे के मुख्य संयोजक नंदलाल जोशी का कहना है कि कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में विभागीय परीक्षा का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को परीक्षा के नाम पर मानसिक दबाव में डाला जा रहा है।हालांकि, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह का कहना है कि समान काम-समान वेतन से संबंधित आदेश शासन के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया है। उनके मुताबिक, कर्मचारियों के लिए निर्धारित नियमों के तहत विभागीय परीक्षा कराई जाएगी।वहीं, यूपीसीएल में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए भी समान काम-समान वेतन की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। यूपीसीएल की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे बोर्ड के सामने रखने की सिफारिश की है। इसके साथ ही आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का मानदेय 4500 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
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