हिमाचल प्रदेश के पर्यटन नगरी मनाली के समीप लगभग 6000 फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढके जंगलों में मोरों का एक जोड़ा दिखाई देना चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर निचले और गर्म क्षेत्रों में पाए जाने वाले मोरों का इतनी ऊंचाई पर दिखना सामान्य घटना नहीं माना जा रहा है।इस दुर्लभ दृश्य के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण इसे किसी अनहोनी या प्राकृतिक असंतुलन से जोड़कर देख रहे हैं और इसे शुभ संकेत नहीं मान रहे हैं।
वहीं, इस पूरे मामले पर वन विभाग ने स्थिति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने की अपील की है। उप वन संरक्षण (वन्यजीव) राजेश शर्मा ने बताया कि औसत तापमान में लगातार हो रही वृद्धि और जलवायु परिवर्तन इस ऊंचाई पर मोरों के दिखाई देने का एक प्रमुख कारण हो सकता है। उनके अनुसार, तापमान में बदलाव के चलते वन्यजीव अपने पारंपरिक आवास छोड़कर नए क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना प्राकृतिक संतुलन में बदलाव का संकेत हो सकती है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।

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