संगीत सभा, काशी की 108वीं गोष्ठी दो भागों में आयोजित की जा रही है, जिसके प्रथम भाग की पूर्णाहुति रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रंगों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।प्रथम कार्यक्रम में कोलकाता से बनारस पधारे कृत मुखर्जी ने स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने तीनताल में पारंपरिक उठान, तिहाइयाँ, कायदा, बांट, टुकड़े एवं परण आदि का सशक्त और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इनके साथ सारंगी पर काशी के युवा एवं प्रतिभावान वादक अनीश मिश्र ने संगत कर कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
इसके पश्चात कानपुर से पधारे पंडित राजकुमार त्रिपाठी का स्वतंत्र तबला वादन हुआ। इस कार्यक्रम में भी सारंगी पर अनीश मिश्र की मधुर संगत को श्रोताओं ने खूब सराहा।अंतिम कार्यक्रम के रूप में कोलकाता से पधारे पंडित सुमन लाहा ने गिटार वादन प्रस्तुत किया। उन्होंने राग श्री की अवतारणा करते हुए परंपरानुसार ध्रुपद अंग से आलाप, जोड़ तथा ताल धमार एवं तीनताल में विलंबित और द्रुत गतों के साथ झाला प्रस्तुत किया, जिस पर सभागार तालियों से गूंज उठा। आपके साथ कोलकाता से ही पधारे पंडित देवाशीष मुखर्जी ने तबला संगत कर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।कार्यक्रम के समापन पर सभा के संयोजक पंडित पूरण महाराज जी ने संगीत सभा, काशी की ओर से सभी कलाकारों एवं श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले गोष्ठी के द्वितीय भाग में उपस्थित होने के लिए सभी संगीत प्रेमियों को पुनः आमंत्रित किया।

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