तहसील सदर क्षेत्र में एक गोंड परिवार को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से परेशान होना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बार-बार आवेदन और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद लेखपाल द्वारा अनावश्यक आपत्तियां लगाई जा रही हैं और रिपोर्ट लगाने में टालमटोल किया जा रहा है।परिवार के सदस्य सतीश गोंड द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, उन्होंने अपने परिवार के लिए अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन किया था। इसके बावजूद चार बार सत्यापन और गवाही प्रस्तुत करने के बाद भी लेखपाल ने रिपोर्ट नहीं लगाई। वहीं एक अन्य आवेदन को 07 फरवरी को आवश्यक साक्ष्य अधूरे होने का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण बच्चों के एडमिशन, शिक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तहसीलदार सदर से मांग की है कि मामले की जांच कर लेखपाल को तत्काल रिपोर्ट लगाने का निर्देश दिया जाए, ताकि प्रमाण पत्र जल्द जारी हो सके।परिवार ने अपने आवेदन के साथ आधार कार्ड, फसली खतौनी (जिसमें जाति ‘गोंड’ दर्ज है), पूर्व में जारी पिता का जाति प्रमाण पत्र (03 जनवरी 1956), परिवार रजिस्टर की नकल और स्कूल टीसी जैसे दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।पीड़ितों ने प्रशासन से जल्द न्याय की गुहार लगाई है, ताकि उनके परिवार को मूलभूत अधिकारों और योजनाओं का लाभ मिल सके।

