अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की वाराणसी जिला इकाई ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गंगापुर एवं भैरवतालाब परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार और शैक्षणिक अनियमितताओं को लेकर बुधवार को प्रेसवार्ता की। जिला संयोजक राजमंगल सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिषद पदाधिकारियों ने 21 सूत्रीय मांगें रखते हुए समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। परिषद ने कहा कि छात्रों से भारी फीस वसूली जा रही है, लेकिन परिसरों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है।जिला संयोजक राजमंगल सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के गंगापुर और भैरवतालाब परिसर प्रशासनिक उदासीनता और कुप्रबंधन का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी।
प्रेसवार्ता में एबीवीपी नेताओं ने यूजी और पीजी सत्र में देरी, कृषि पाठ्यक्रमों में लैब और फील्ड की कमी, परीक्षा परिणामों में त्रुटियां, भैरवतालाब परिसर की जर्जर लाइब्रेरी, पुस्तकों की कमी, स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति न होना और कृषि विभाग को आईसीएआर मान्यता न मिलने जैसे मुद्दे उठाए।इसके अलावा गंगापुर परिसर में कैंटीन, वाहन स्टैंड और पर्याप्त कक्षाओं का अभाव, खराब सड़कें, छात्राओं के लिए कॉमन रूम एवं शौचालय की कमी, प्लेसमेंट सेल न होना, छात्रावास आवंटन में देरी तथा बाहरी अराजक तत्वों की गतिविधियों पर भी चिंता जताई गई। परिषद ने दोनों परिसरों में सीसीटीवी निगरानी और मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।गंगापुर परिसर की इकाई मंत्री रोशनी सिंह ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।प्रेसवार्ता में आदर्श राय, विवेक कुमार सिंह, राज सिंह, शिवम पांडेय, विशाल यादव समेत अन्य छात्र मौजूद रहे।


