दहेज प्रथा और महंगी शादियों के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक संदेश देते हुए रविन्द्रपुरी स्थित विश्वविख्यात अघोरपीठ “बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड” में अघोराचार्य महाराज श्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान देशभर से चयनित 55 जरूरतमंद युवक-युवतियों ने परिणय सूत्र में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की।कार्यक्रम की शुरुआत अघोर परंपरा के आराध्य एवं पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के अवतरण दिवस समारोह से हुई। उनकी उपस्थिति में हजारों श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के उद्घोष के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सामूहिक विवाह कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल सभी जोड़ों को बिना किसी आर्थिक बोझ के विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। यहां तक कि आवागमन, भोजन और गृहस्थी से जुड़ी आवश्यक सामग्री भी संस्थान द्वारा प्रदान की गई।दिन में पारंपरिक वैवाहिक रस्मों के साथ हल्दी की रस्म और लोकगीतों के माध्यम से कार्यक्रम को पारिवारिक माहौल दिया गया। महिला मंडल की सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजिका रूबी सिंह की विशेष भूमिका रही।रात्रि में भव्य सजावट, खानपान और बड़े टीवी स्क्रीन के जरिए पूरे परिसर में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिससे आयोजन की रौनक और भी बढ़ गई। यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज में यह संदेश भी देने में सफल रहा कि अघोर परंपरा समाज से दूर नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों में अग्रणी भूमिका निभा रही है।कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे रहे।इस अवसर पर प्रियदर्शी बाबा, कर्मवीर बाबा, आह्वाहन अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधूत अरुण गिरी महाराज, प्रधान व्यवस्थापक अरुण सिंह, अनूप कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

