अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर डीएलडब्ल्यू मेंस यूनियन द्वारा एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मियों ने एकजुट होकर शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कर्मी एकता का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— “आज की शाम शिकागो के शहीदों के नाम”।सभा के दौरान वक्ताओं ने हेमार्केट कांड का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 मई 1886 को शिकागो में कर्मियों ने 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। इस आंदोलन के दौरान हुए घटनाक्रम में कई कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिसके बाद से पूरी दुनिया में 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिकागो के शहीदों का संघर्ष आज भी कर्मियों के अधिकारों की नींव है। उन्होंने कहा कि “दुनिया के कर्मियों, एक हो” का नारा आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस दौर में था। सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एकजुट रहना समय की आवश्यकता है।सभा में उपस्थित कर्मियों ने कहा कि वर्तमान समय में भी कार्यस्थलों पर कई चुनौतियां मौजूद हैं, ऐसे में संगठित रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है। इस दौरान कर्मी एकता, संगठन की मजबूती और हितों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिकागो के शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और कर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

