काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी व संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर चल रहा आंदोलन अहम मोड़ पर पहुंच गया है। मधुबन परिसर में पिछले 18 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन के बीच जिला प्रशासन की पहल पर हुई बैठक में महत्वपूर्ण सहमति बनी।बैठक में एडीएम सिटी, डीसीपी काशी जोन समेत वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से रखा।वार्ता के बाद प्रशासन ने प्रस्ताव दिया कि विश्वविद्यालय के कुल रिक्त पदों में से 25 प्रतिशत पद पूर्व से कार्यरत दैनिक व संविदा कर्मचारियों से भरे जाएंगे। साथ ही सभी कर्मचारियों का श्रेणीवार पैनल तैयार कर चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक नई भर्ती नहीं करने का भी आश्वासन दिया गया है।
इसके अलावा 30 अप्रैल को प्रस्तावित जूनियर क्लर्क परीक्षा को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि नियमितीकरण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा सके।कर्मचारियों ने इसे आंशिक सफलता मानते हुए फिलहाल धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि तय समय में कार्रवाई न होने पर आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।वहीं प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि प्रस्ताव को कार्यकारीणी परिषद के समक्ष जल्द रखा जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी।

