बिहार के गोपालगंज जिले में आस्था और श्रद्धा का एक अनोखा उदाहरण सामने आया है। भोरे थाना क्षेत्र के सिसई ग्राम पंचायत निवासी अखिलेश मिश्रा के पुत्र शशिकांत मिश्रा ने प्रचंड गर्मी के बीच 48 किलोमीटर की निर्जल और नंगे पैर पदयात्रा कर थावे माता मंदिर में दर्शन किए।बताया जा रहा है कि शशिकांत मिश्रा को 20 अप्रैल की रात माता रानी ने सपने में दर्शन देकर बुलावा दिया। इसके बाद उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को सिसई गांव से थावे धाम के लिए यात्रा शुरू की। बिना चप्पल, बिना पानी के लगातार करीब 9 घंटे पैदल चलकर उन्होंने मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए।
शशिकांत मिश्रा ने बताया कि वे पहले 8 मई को अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए जाने वाले थे, लेकिन माता के बुलावे के बाद उन्होंने तुरंत यात्रा का निर्णय लिया। इस कठिन यात्रा के बावजूद उनकी आस्था और श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई।उन्होंने यह भी बताया कि वे हनुमान जी को अपना गुरु मानते हैं और बजरंगबली के प्रति उनकी गहरी आस्था है। अब तक वे विभिन्न शहरों—वाराणसी, आरा, छपरा, जयपुर, दिल्ली, अहमदाबाद, देहरादून, गोरखपुर, लखनऊ और आगरा समेत कई स्थानों पर दर्शन कर चुके हैं।शशिकांत मिश्रा ने 4 जून 2016 से 4 जून 2026 तक विशेष साधना का संकल्प लिया है, जिसके तहत वे 1 लाख 25 हजार बार बजरंगबली के दर्शन कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने दो वर्षों में एक करोड़ “राम-राम” लिखने का भी संकल्प लिया है। 5 जून को वे पुनः चप्पल धारण करेंगे।स्थानीय लोगों के अनुसार, भीषण गर्मी में इस तरह की कठिन यात्रा करना उनकी अटूट श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है। यह यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के बीच आस्था का प्रेरणादायक संदेश दे रही है।

