वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। काशी पत्रकार संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पत्रकारों के लिए आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को सुलभ बनाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बीते नौ वर्षों में काशी के विकास कार्यों की सराहना करते हुए ‘बदलता बनारस’ को देश के सामने एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए आवास की समस्या, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पेंशन जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर की तर्ज पर वाराणसी समेत अन्य जिलों में भी पत्रकार आवास योजना लागू करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना प्राथमिकता है और पत्रकार, जो समाज को जागरूक रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
स्व. रमेंद्र सिंह के परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन
बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय रमेंद्र सिंह के परिजनों को मुआवजा न मिलने का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
पराड़कर स्मृति भवन आने का किया वादा
इस अवसर पर संघ की ओर से मुख्यमंत्री को वार्षिकी डायरी भेंट की गई। साथ ही पत्रकारिता के पुरोधा विष्णु राव पराड़कर की कर्मस्थली ‘पराड़कर स्मृति भवन’ आने का निमंत्रण दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए जल्द ही वहां आने का वादा किया।प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अरुण मिश्र, पूर्व अध्यक्ष योगेश गुप्त, काशीवार्ता के प्रबंध निदेशक सुशील सिंह और वरिष्ठ पत्रकार दीनबंधु राय सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

