ज्योतिष्पीठाधीश्वर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गविष्ठी यात्रा के तहत काशी से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं। यह यात्रा 3 मई से गोरखपुर से विधिवत रूप से प्रारंभ होगी, जिसका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है।जानकारी के अनुसार, यह गविष्ठी यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी और प्रतिदिन लगभग पांच विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी। यात्रा के दौरान शंकराचार्य विभिन्न स्थानों पर जनसंवाद कर लोगों को गौ रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे।
रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसी स्तर का प्रयास अन्य देशों में होता तो वहां भी गौमाता की सुरक्षा सुनिश्चित कर उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा मिल सकता था।उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गौमाता को राष्ट्रमाता या राज्य माता घोषित करने में सरकार को क्या कठिनाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश का बहुमत इस विषय पर बार-बार अपनी भावना व्यक्त कर रहा है, फिर भी उसकी अनदेखी की जा रही है।शंकराचार्य ने यह भी कहा कि गौमाता की रक्षा और सम्मान के लिए सरकार को स्वयं पहल कर कानून बनाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है और अब समय आ गया है कि सनातनी समाज अपने मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित हो।पूर्व घोषणा के अनुसार, 3 मई से गोरखपुर से इस “गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा” का औपचारिक शुभारंभ होगा, जो पूरे प्रदेश में व्यापक जनसमर्थन जुटाने का प्रयास करेगी।

