तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीर सामने आने से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।सुष्मिता देव ने इस्तीफे के बाद कहा, "अब मैं आजाद हूं।" हालांकि उन्होंने भाजपा में शामिल होने के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि फिलहाल वह कुछ समय आराम करेंगी तथा अपने परिवार से मिलने असम जाएंगी।
पार्टी छोड़ने के फैसले पर सुष्मिता देव ने कहा कि राज्यसभा की सीट उन्हें TMC ने दी थी, इसलिए पार्टी छोड़ने के साथ ही सीट छोड़ना भी उचित था। उन्होंने बताया कि उनके फैसले के पीछे कुछ व्यक्तिगत और राजनीतिक कारण हैं। असम मुख्यमंत्री से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय से उनके हिमंता सरमा के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और यह केवल एक औपचारिक मुलाकात थी। उन्होंने कहा, "अब मैं आजाद हूं, इसलिए किसी से भी मुलाकात कर सकती हूं।" पिछले तीन दिनों में TMC के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने भी राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन को पार्टी की चुनावी हार का कारण बताया था।
पार्टी में जारी संकट के बीच ममता बनर्जी ने हाल ही में सोनिया गांधी से मुलाकात की, जबकि TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से बातचीत की। माना जा रहा है कि विपक्षी एकजुटता और पार्टी की स्थिति पर चर्चा हुई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि TMC में जारी टूट के बाद कानूनी लड़ाई, दल-बदल कानून पर विवाद और संगठनात्मक पुनर्गठन जैसे मुद्दे सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि पार्टी के नाम, संगठन और राजनीतिक विरासत पर आखिर किसका दावा मजबूत रहेगा।


