काशी सुमेरु पीठ, डुमराव बाग कॉलोनी अस्सी में अखाड़े के वरिष्ठ तपस्वी अखंडानंद तीर्थ की षोडशी पर श्रद्धांजलि सभा, साधु संगोष्ठी और दंडी स्वामियों के भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जगद्गुरु शंकराचार्य काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, दंडी स्वामियों और श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर तपस्वी अखंडानंद तीर्थ को श्रद्धांजलि अर्पित की। शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अखंडानंद तीर्थ का जीवन तप, साधना, त्याग और सनातन धर्म के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उनका निधन संत समाज और सनातन परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति है।
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उन्होंने कहा कि संतों का शरीर नश्वर होता है, लेकिन उनके विचार, ज्ञान और आध्यात्मिक संस्कार सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहते हैं। साधु संगोष्ठी में संतों ने अखंडानंद तीर्थ के आध्यात्मिक योगदान और तपस्या को याद किया। कार्यक्रम के अंत में संतों के आशीर्वचन और प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।
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