केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 88 करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले की फरार आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर 3 अगस्त को उसे भारत लाया गया, जहां पुणे पहुंचते ही महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से अंजाम दिया।जांच के अनुसार, विशाखा राठौड़ और उसके पति अविनाश अर्जुन राठौड़ पुणे स्थित APS Wealth Ventures LLP के संचालक थे। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को निश्चित मासिक रिटर्न (फिक्स्ड मंथली रिटर्न) का झांसा देकर करोड़ों रुपये विभिन्न योजनाओं में निवेश करवाए। बाद में न तो निवेशकों को तय रिटर्न मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई।

मामले में अप्रैल 2023 में पुणे में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, निवेशकों से जुटाई गई रकम को कई बैंक और डीमैट खातों के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया। इससे पहले इसी मामले के मुख्य आरोपी और विशाखा के पति अविनाश अर्जुन राठौड़ को भी यूएई से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार किया जा चुका है।जांच के दौरान इंटरपोल के माध्यम से विशाखा राठौड़ के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समन्वय से उसका पता लगाकर भारत लाया गया। फिलहाल आरोपी महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत में है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वाले आरोपियों को भी कानून के दायरे में लाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
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