झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में दो छात्राओं सहित पांच और छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके बाद अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।प्रदर्शनकारी पिछले 10 दिनों से 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने, जेएसएससी में सुधार और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और न्याय चाहिए। साथ ही आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 'तिरंगा मार्च' निकालने पर भी विचार किया जा रहा है।

वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की बारीकी से जांच के बाद उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा और ऐसा फैसला लिया जाएगा जिससे प्रदर्शनकारी संतुष्ट हों।इस मामले में झारखंड पुलिस की सीआईडी अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से कई दौर की पूछताछ की गई है। इसके अलावा रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत 18 स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। वहीं, जांच पूरी होने तक जेपीएससी की संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है।
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