बरेका में बढ़ते निजीकरण और आउटसोर्सिंग के विरोध में डीएलडब्ल्यू मेंस यूनियन (एआईआरएफ) के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान लगभग 3300 कर्मचारियों के हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन सहायक पुलिस आयुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित कर प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय भेजा गया।
यूनियन के महामंत्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के बुनियादी ढांचे और पर्याप्त कर्मचारियों के बावजूद बरेका के कई नियमित कार्य निजी कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लिफ्टर संचालन, टर्बो सुपर चार्जर ओवरहालिंग, पावर पैक असेंबली, पेंटिंग, ब्लॉक एवं बोगी निर्माण सहित कई कार्य पहले बरेका कर्मचारी करते थे, लेकिन अब उन्हें आउटसोर्स किया जा रहा है।
दोपहर में लंच ब्रेक के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी कारखाने के पूर्वी गेट पर एकत्र हुए और निजीकरण व आउटसोर्सिंग के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में प्रशासनिक भवन पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपा।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से कर्मचारियों से काम छीनकर निजी कंपनियों को दिया जा रहा है, जिससे पूर्वांचल की इस प्रमुख रेल उत्पादन इकाई को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है। प्रदर्शन में यूनियन के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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