प्रह्लादघाट स्थित बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल में आयोजित 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में बच्चों की प्रतिभाओं और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्री निवास ओझा तथा विद्यालय के निदेशक श्री मंजुल पाण्डेय रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।विद्यालय की प्रधानाचार्या स्नेहलता पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संचालन प्रारंभ कराया। इस दौरान बच्चों ने गायन, नृत्य, कथक, ताइक्वांडो, योग, स्केटिंग सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं कला आधारित प्रस्तुतियाँ दीं। वहीं क्राफ्ट, पाककला, चित्रकला, मेहंदी और रंगोली की आकर्षक प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
मुख्य अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला एवं कौशल का विकास भी आवश्यक है।विद्यालय के निदेशक मंजुल पाण्डेय ने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। विद्यार्थियों में बहुमुखी प्रतिभा का विकास करना समय की आवश्यकता है और विद्यालयों का दायित्व है कि वे बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
समापन अवसर पर प्रधानाचार्या स्नेहलता पाण्डेय ने मुख्य अतिथियों, अभिभावकों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अभिभावकों की भी सराहना की, जिन्होंने बच्चों को प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के सफल संचालन में अभिषेक मालवीय, राजश्री सप्रे, शिवानी श्रीवास्तव, सोनल श्रीवास्तव, चन्दन चौधरी एवं तरुण मिश्रा का विशेष सहयोग रहा।

