वाराणसी। लक्सा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी एवं लक्सा थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ ‘पट्टी’ की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।अनिल यादव उर्फ पट्टी वाराणसी का एक कुख्यात अपराधी माना जाता था। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। अपराध जगत में सक्रिय रहने के कारण वह पुलिस की निगरानी सूची में शामिल था तथा लक्सा थाने की हिस्ट्रीशीट संख्या 38A में उसका नाम दर्ज था।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार अनिल यादव पर पूर्व में 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका था। वह कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में आरोपी रह चुका था। गाजीपुर निवासी एक छात्र की सिद्धगिरीबाग क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। अनिल यादव की मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस उसके पारिवारिक, सामाजिक और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन पुलिस सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। क्षेत्र में लंबे समय तक अपराध जगत से जुड़े रहे अनिल यादव उर्फ पट्टी की मौत को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
