वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने केंद्रीय विद्यालयों में भर्ती के लिए निर्धारित योग्यता मानकों में उनकी डिग्री को मान्यता न दिए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। हाल ही में बीएचयू छात्रों के आंदोलन के बाद अब एमजीकेवी के छात्रों ने भी मोर्चा संभालते हुए विश्वविद्यालय मार्ग को जाम कर दिया और घंटों धरने पर बैठे रहे।बीपीएड (BPED) और एमपीएड (MPED) के दो वर्षीय कोर्स को केंद्रीय विद्यालय संगठन की नई वैकेंसी में मान्यता न मिलने पर छात्रों में भारी नाराज़गी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस निर्णय से उन्हें “बेरोजगार बनाने की साजिश” की जा रही है। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत और शुल्क खर्च करने के बाद प्राप्त डिग्री को यदि नौकरी प्रक्रिया में स्वीकार ही नहीं किया जाएगा, तो उनका कैरियर पूरी तरह प्रभावित होगा।छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और केंद्र सरकार से मांग की कि बीपीएड–एमपीएड डिग्री को तुरंत मान्यता दी जाए और भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप लेगा।पुलिस और विश्वविद्यालय अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर तक वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। फिलहाल स्थिति शांत है, लेकिन छात्र संगठन ने आगे की रणनीति जल्द घोषित करने की बात कही है।

