पद्म विभूषण से सम्मानित एवं कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज जी की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को वाराणसी स्थित अंध विद्यालय, दुर्गाकुंड परिसर में नटराज संगीत अकादमी द्वारा भव्य “कथक यज्ञ” का आयोजन किया गया। यह आयोजन पंडित बिरजू महाराज जी की स्मृति को समर्पित एक भावनात्मक और सांस्कृतिक श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे देवाशीष दे, भगीरथ जलान एवं संगीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। इसके पश्चात बनारस सहित देश-विदेश से आए बाल, किशोर एवं युवा कथक कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण और सशक्त नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से कथक सम्राट के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
करीब 35 से 40 कथक कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ताल, लय और भाव की त्रिवेणी से सजी प्रस्तुतियों ने पंडित बिरजू महाराज जी की समृद्ध कथक परंपरा को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों को नटराज संगीत अकादमी की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर नटराज संगीत अकादमी की निर्देशिका संगीता सिन्हा ने अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों का स्वागत करते हुए पंडित बिरजू महाराज जी के कला-साधना, शिष्य परंपरा और कथक को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विशेष रूप से ऋचा जलान, काव्या, आयुषी, ऋचा, शुभांगी सिंह सहित अनेक प्रतिभाशाली कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। समूचा वातावरण श्रद्धा, साधना और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत रहा।उपस्थित दर्शकों और कला प्रेमियों ने इस आयोजन को पंडित बिरजू महाराज जी को समर्पित एक भावपूर्ण और यादगार श्रद्धांजलि बताया।

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