काशी के प्राचीन मठों, मंदिरों और ऐतिहासिक शिलालेखों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर विकास के नाम पर प्राचीन विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया।आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से प्रेषित किया। पार्टी का कहना है कि हिंदुत्व और मठ-मंदिरों की सुरक्षा का दावा करने वाली केंद्र सरकार स्वयं काशी की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचा रही है।
कैलाश पटेल ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट के समीप वीरांगना अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मंदिरों और प्राचीन धरोहरों को संरक्षण देने के बजाय उन्हें तोड़कर ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस तरह की कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 में वीरांगना अहिल्याबाई होलकर के सम्मान में चांदी का सिक्का जारी किया था, लेकिन वर्ष 2026 में उन्हीं की मूर्ति और उनके द्वारा 1771 में निर्मित मंदिरों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और विरोधाभासी है।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि दुनिया के सभी देश अपनी प्राचीन विरासतों को संजोकर रखते हैं और उनका जीर्णोद्धार कर पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को देखने आते हैं। ऐसे में काशी की विरासत को नष्ट करना न केवल सांस्कृतिक क्षति है, बल्कि जनभावनाओं पर भी गहरा आघात है।पार्टी नेताओं ने कहा कि वाराणसी की जनता में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बनारस के लोग इन्हीं मंदिरों और घाटों के बीच पले-बढ़े हैं और आज केंद्र की भाजपा सरकार विकास के नाम पर इन विरासतों को मिटाकर उनकी आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है।आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्राचीन धरोहरों को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी।

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