!!वाराणसी !!के काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहरी प्रांगण में आज रंगभरी एकादशी के दिन एक विवादित घटना सामने आई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर एक बटुक (पुजारी वर्ग का युवक) के साथ मारपीट करने और उसे दर्शन से रोकने का आरोप लगाया गया है। घटना का सिलसिला:मंदिर के गेट पर भारी भीड़ और कतार के बीच पुलिस और कुछ श्रद्धालुओं के बीच कथित कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक सिपाही ने गुस्से में बटुक के चेहरे पर तीन थप्पड़ मारे, जिसके बाद एक दरोगा ने उसके बाल खींचकर उसे धक्का देकर बैरिकेड के बाटुक और उसके साथियों का दावा है कि घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद उसे बाबा के गर्भगृह के दर्शन नहीं करने दिए गए और वह बिना पूजा किए लौट गया। श्रद्धालुओं के साथ धक्का-मुक्की:भीड़ में कुछ अन्य श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं, के साथ भी कतार में धक्का-मुक्की होने की बात कही जा रही है, जिससे तनाववाला माहौल बना।
पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी:रंगभरी एकादशी कार्यक्रम की कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ भी पुलिस कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि गेट नंबर-4 पर कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और बीच बचाव करने आए एक अन्य पत्रकार को भी थप्पड़ मारकर भगा दिया। पुलिस का बयान:डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि कार्यक्रम में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को वैध पहचान पत्र के आधार पर अनुमति दी गई थी और सभी पुलिसकर्मियों को किसी के साथ अनुचित व्यवहार न करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अगर बटुक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट या बदसलूकी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह घटना काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धा और उत्साह के बीच सुरक्षा व्यवस्था के तरीकों पर व्यापक चर्चा और आलोचना का विषय बनी हुई है।

