अवैध कफ सिरप मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कई गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर निशाना साधा है। सांसद ने आरोप लगाया कि मामले में लगातार हिला-हवाली हो रही है, जबकि इस सिंडीकेट को संचालित करने में कई सफेदपोश नेताओं और अधिकारियों की भूमिका होने की आशंका है।सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे इस मुद्दे को शीतकालीन सत्र में संसद में जोरदार तरीके से उठाएंगे और अवैध कफ सिरप मामले की CBI जांच कराने की औपचारिक मांग करेंगे। उन्होंने हाल ही में अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी पर भी सवाल खड़ा करते हुए इसे “नाटक” बताया और कहा कि अभी कई असली चेहरे सामने आना बाकी हैं।
सपा सांसद ने बाबा के बुलडोज़र को लेकर भी सरकार पर तंज कसा और पूछा कि जब अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं तो अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसके अलावा उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। सांसद का कहना है कि सरकार अनावश्यक जल्दबाजी में है, इसलिए 4 दिसंबर तक की तारीख बढ़ाई जाए और सही तरीके से फॉर्म भरवाए जाएं।उन्होंने बिहार चुनाव के परिणामों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि SIR के माध्यम से जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए, उनमें से कितने वास्तव में बाहर निकाले गए—यह सरकार स्पष्ट करे। सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार SIR के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रही है।सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रहेगी।

