इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादीशुदा पुरुष का किसी महिला के साथ लिव-इन में रहना कानून के तहत अपराध नहीं है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में निर्णय नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर होना चाहिए।कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि ऐसे कपल की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती, जब तक कि कोई अन्य कानूनी अपराध सिद्ध न हो।
अदालत ने इस फैसले में यह रुख अपनाया कि व्यक्तिगत जीवन और निजी संबंधों में कानून की सीमाओं का सम्मान होना चाहिए, और केवल नैतिक मानदंड के आधार पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला भारतीय कानून में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।अगर चाहो तो मैं इसका संक्षिप्त हेडलाइन वर्ज़न भी बना सकता हूँ, जो सोशल मीडिया या न्यूज़ अलर्ट के लिए फिट हो।

