रामनवमी के पावन अवसर पर वाराणसी नागरिक संघ द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर 34वीं ‘राममय रात’ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पूरी रात भक्ति संगीत और राम नाम के भजनों से गंगा तट भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के सुपौत्र द्वारा शहनाई वादन से हुई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे।
‘राममय रात’ काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां हर वर्ष रामनवमी के अवसर पर भजनों की अविरल धारा बहती है। इस आयोजन की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार स्व. मुन्नू प्रसाद पांडेय द्वारा की गई थी, जिसे अब उनके सुपुत्र सुरेश कुमार पांडेय द्वारा सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरी रात भक्ति रस का आनंद लिया। गंगा तट पर “जय श्रीराम” के जयघोष के बीच काशी की आध्यात्मिक छटा देखते ही बन रही।

