शिक्षक की मृत्यु के बाद उसके परिवार में विवाद खड़ा हो गया है। एक महिला ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के कार्यालय पहुंचकर खुद को मृतक शिक्षक की “असली पत्नी” बताते हुए न्याय की गुहार लगाई।महिला का कहना है कि उसके पति की मृत्यु के बाद अब सरकारी लाभ और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक दूसरी महिला भी खुद को पत्नी बताकर हक जता रही है। इस स्थिति ने मामले को जटिल बना दिया है।पीड़ित महिला ने BSA से शिकायत करते हुए कहा, “साहब! मैं ही उनके साथ वर्षों से रह रही थी, हमारे बच्चे भी हैं, अब कोई दूसरी महिला गलत तरीके से अधिकार मांग रही है।”
वहीं, दूसरी महिला भी खुद को मृतक शिक्षक की पत्नी बता रही है और उसने भी संबंधित विभाग में दावा प्रस्तुत किया है। दोनों पक्षों के दावों के चलते विभागीय अधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं।प्रशासन की प्रतिक्रिया:BSA कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और वैध दस्तावेजों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। दोनों महिलाओं से विवाह संबंधी प्रमाण, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं।आगे की कार्रवाई:प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के लाभ या नियुक्ति पर रोक रहेगी। जरूरत पड़ने पर मामला न्यायालय तक भी जा सकता है।यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद को दर्शाता है, बल्कि सरकारी लाभों के वितरण में सत्यापन प्रक्रिया की अहमियत को भी उजागर करता है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और अंतिम फैसले पर टिकी है।

