माफिया मुख्तार अंसारी को कड़े सुरक्षा घेरे में मोहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में किया गया सुपुर्द-ए-खाक, वही अफजाल अंसारी और जिलाधिकारी के बीच हुई नोकझोंक

माफिया मुख्तार अंसारी का शव शुक्रवार देर रात बांदा से गाजीपुर पहुंचा। शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुहम्मदाबाद के कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मुख्तार की कब्र उसके पिता और मां बेगम राबिया खातून की कब्र के समीप खोदी गई। मुख्तार के जनाजे में भारी संख्या में लोग उमड़े थे। चूंकि कब्रिस्तान में सिर्फ परिवार के लोगों को जाने की अनुमति थी। इसलिए लोग कब्रिस्तान के बाहर जुट गए। कुछ ही देर में हालात ऐसे हो गए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुख्तार के परिवार को लोगों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी। वही जनाजे से पहले उसके बेटे उमर द्वारा आखिरी बार मुख्तार की मूछो को ताव देते तस्वीरे सामने आयी। 


बता दे कि उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से गुरुवार (28 मार्च) रात को मौत हो गई थी। मुख्तार अंसारी को गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में काली बाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खा किया गया। मुख्तार अंसारी के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उनके आवास से कब्रिस्तान तक 900 मीटर की दूरी पर पुलिस तैनात की गई है।बता दे की मुख्तार अंसारी के भाई अफ़ज़ल अंसारी काली बाग कब्रिस्तान में उनके अंतिम संस्कार के लिए मौजूद रहे।


वही मुख्तार अंसारी के भाई सांसद अफजाल अंसारी एवं जिलाधिकारी के बीच नोंक-झोंक हुई, अफजाल का कहना था कि कब्रिस्तान के अंदर जाकर कब्र पर मिट्टी देने से किसी को रोक नहीं सकते। जबकि जिलाधिकारी का कहना था कि मिट्टी परिवार वाले ही देने अंदर जाएं। इस नोंक-झोंक के बाद जिलाधिकारी का बयान आया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्यवाही होगी। उधर अफजाल अंसारी ने कहा है कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत है कि मुख्तार को जहर दिया गया है।

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