काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विज्ञान संस्थान स्थित सेंटर ऑफ फॉरेंसिक साइंस द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रिसेंट एडवांसेस इन फॉरेंसिक साइंस (NCRAFS-2026)” का शुभारंभ हुआ।14 मार्च तक चलने वाले इस सम्मेलन में देशभर से लगभग 300 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जबकि करीब 20 विशेषज्ञ अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।यह सम्मेलन पहली बार बीएचयू में फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में आयोजित किया गया । सम्मेलन में लगभग 100 पोस्टर प्रस्तुतियाँ और 50 मौखिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं, जिनमें फॉरेंसिक विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर शोध और नवीनतम तकनीकों पर चर्चा हुईं ।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक साइंस के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही नवीनतम प्रगतियों पर विचार-विमर्श करना है। यह कार्यक्रम केंद्र के संस्थापक समन्वयक प्रो. भीम बली प्रसाद की स्मृति में आयोजित किया गया । उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए.के. श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रो. आदर्श कुमार की ओर से प्रतिनिधित्व किया। मुख्य अतिथि डॉ. श्रीवास्तव ने फॉरेंसिक बैलिस्टिक्स और क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन विषय पर अपना व्याख्यान दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने की। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आर.के. श्रीवास्तव, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. के.एन. सिंह, सम्मेलन के संयोजक प्रो. एम.के. भारती तथा सेंटर ऑफ फॉरेंसिक साइंस के समन्वयक प्रो. वी. गणेशन सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापक, आमंत्रित वक्ता और देशभर से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

