मकर संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर बाजारों में रौनक, स्वदेशी मांझे की बढ़ी मांग

मकर संक्रांति के पर्व को लेकर वाराणसी के बाजारों में पतंगबाजी की तैयारियां जोरों पर हैं। 14 जनवरी को पतंग उड़ाने की परंपरा के मद्देनजर शहर के विभिन्न इलाकों में रंग-बिरंगी पतंगों से बाजार सजे नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार बाजारों में इलाहाबाद और बरेली में तैयार किया गया स्वदेशी मांझा ही बिकता दिखाई दे रहा है, जबकि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा कहीं नजर नहीं आ रहा है।

व्यापारियों के अनुसार प्रशासन की सख्ती और जन-जागरूकता अभियानों का असर है कि चाइनीज मांझे की बिक्री लगभग खत्म हो गई है। लोग भी सुरक्षित और स्वदेशी मांझे को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। पतंग प्रेमियों का कहना है कि स्वदेशी मांझा न केवल सुरक्षित है बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है।हालांकि, इस बार कागज के दामों में वृद्धि का असर पतंगों की कीमतों पर पड़ा है। 

कागज महंगा होने के कारण पतंगें पिछले साल की तुलना में महंगी बिक रही हैं, इसके बावजूद मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है और बाजारों में खरीदारी की रफ्तार तेज है।व्यापारियों को उम्मीद है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन शहर भर में छतों से पतंगों की रंगीन छटा देखने को मिलेगी और लोग सुरक्षित तरीके से पर्व का आनंद उठाएंगे।



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