अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र, बीएचयू में न्याय और स्त्री: भारतीय संदर्भ” विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि और कुलगीत गायन के साथ हुई।कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. आशीष त्रिपाठी ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि न्याय स्वतंत्रता, लोकतंत्र और बंधुत्व की मूल आधारशिला है। मुख्य वक्ता प्रो. अखिलेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि न्याय एक अनुभूति और संतुष्टि का विषय है तथा महिलाओं के दमन के विभिन्न स्वरूपों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. अशोक कुमार उपाध्याय ने की। उन्होंने कहा कि महिला उत्थान की पहली सीढ़ी स्वयं महिलाएं बन सकती हैं और नारीवाद स्त्री-पुरुष संघर्ष नहीं बल्कि समानता की दिशा में प्रयास है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. बागीशा सुमन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मीनाक्षी झा ने दिया। इस अवसर पर प्रो. बिन्दा परांजपे, प्रो. अनुराधा सिंह, प्रो. किंगसन सिंह, डॉ. किसलय सिंह और डॉ. अरुणा कुमारी सहित कई विद्वान उपस्थित रहे।

