वृंदावन, उत्तर प्रदेश: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को धर्मनगरी वृंदावन का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।राष्ट्रपति मुर्मू अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचीं। संत प्रेमानंद महाराज से भेंट के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर विनम्रता से प्रणाम किया। इस पर संत ने “राधे-राधे” कहकर उनका स्वागत किया और आशीर्वाद प्रदान किया। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।करीब 25 मिनट तक चली इस मुलाकात में दोनों के बीच आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और समाज में सकारात्मक सोच के प्रसार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, संत प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति को आध्यात्मिक जीवन के महत्व और सेवा भाव पर विशेष मार्गदर्शन दिया।
राष्ट्रपति की यह यात्रा पूरी तरह निजी और धार्मिक मानी जा रही है, लेकिन इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी देखा जा रहा है। इस दौरान वृंदावन का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही।स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर खास उत्साह देखा गया। कई लोगों ने इसे वृंदावन की आध्यात्मिक पहचान और देश के सर्वोच्च पद के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव के रूप में देखा।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक दौरों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और भारतीय परंपराओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है।

