वाराणसी में हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट हादसे ने एक ही परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस दर्दनाक घटना में जहां पहले बेटे और बेटी की मौत हो गई, वहीं उनकी मां गिरजा देवी ने भी गहरे सदमे के कारण 40 घंटे बाद दम तोड़ दिया।बताया जा रहा है कि शहर के एक रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडर फटने से जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भयानक था कि घर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में गिरजा देवी के बेटे और बेटी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
अपने दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनते ही गिरजा देवी गहरे मानसिक आघात में चली गईं। परिवार वालों के मुताबिक, वह लगातार बच्चों को याद कर रही थीं और बोलना तक बंद कर दिया था। डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बावजूद उनकी हालत बिगड़ती गई और करीब 40 घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। हादसे की जांच जारी है और गैस लीक को संभावित कारण माना जा रहा है।इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

