काशी में गंगा का जलस्तर घटने के बाद शुक्रवार से बड़ी मोटर बोट के संचालन को फिर से अनुमति दे दी गई है। इससे वाराणसी आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु गंगा की सैर कर सकेंगे और 84 घाटों को नदी से निहार पाएंगे। हालांकि, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बोट संचालन के लिए कई शर्तें लागू की हैं।
प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, प्रत्येक मोटर बोट पर कम से कम दो तैराक नाविकों का होना जरूरी है। बोट में बैठने वाले सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहननी होगी, जबकि नाव की निर्धारित क्षमता के आधे यात्रियों को ही सफर की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा हर बोट में रस्सा, लाइफ बॉय और दूसरे जरूरी सुरक्षा उपकरण रखने होंगे। फिलहाल हाथ से चलने वाली नावों के संचालन पर रोक जारी रहेगी।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मोटर बोट सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक ही चलाई जा सकेंगी। निर्धारित समय का उल्लंघन करने या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने या मौसम खराब होने की स्थिति में दोबारा समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मोटर बोट के संचालन पर फिर से रोक लगाई जा सकती है।


