राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर सीएमओ से बातचीत की और ज्ञापन सौंपा।बातचीत के दौरान सीएमओ ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन विरोध के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का इलाज प्राथमिकता है। कर्मचारी अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं, लेकिन पूरी तरह काम का बहिष्कार न करें। उन्होंने काली पट्टी बांधकर या सीमित समय तक विरोध करने का सुझाव दिया, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
सीएमओ ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगें शासन के संज्ञान में हैं और लखनऊ मंडल स्तर से भी इस संबंध में शासन से बातचीत की जा रही है। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर उनकी मांगों को एमडी तक पत्र के माध्यम से पहुंचाने का आश्वासन दिया गया।
वहीं, बातचीत के बाद कर्मचारियों ने कहा कि वे सीएमओ के अनुरोध पर विचार करेंगे और प्रयास रहेगा कि इमरजेंसी सेवाएं बाधित न हों। हालांकि कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण समेत अन्य मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। मांगें पूरी होने के बाद धरना समाप्त कर कर्मचारी काम पर लौटने की बात कही।


