वैसाख सप्तमी माँ गंगा के उत्पत्ति दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय देव दीपावली महासमिति वाराणसी के मार्गदर्शन, गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट वाराणसी के संयोजन एवं श्री हठीले हनुमानजी सेवा समिति के सहयोग से खिड़किया घाट पर माँ गंगा का दुग्धाभिषेक करने के उपरान्त 101 बत्तियों से भव्य आरती उतारी गयी ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने कहा कि राजा भगीरथ के तपस्या से प्रसन्न होकर माँ गंगा भगवान ब्रह्मा के कमण्डल से निकलकर भगवान शिव की जटाओं पर विराजमान हुई । इसी कारण भगवान शिव का नाम गंगाधर भी पड़ा । आगे कहा कि माँ गंगा सप्तमी से 32 दिन बाद गंगा दशहरा के दिन राजा सगर के पुत्रों को तारण हेतु धरती पर आई । कार्यक्रम में मुख्य रूप से बृजकिशोर यादव,अवधेश शुक्ला, चंद्रशेखर जायसवाल, गुड्डु पाल,राजू जायसवाल आदि ने मां गंगा के दुग्धाभिषेक एवं आरती में भाग लिया।
