सामाजिक चेतना मंच के डॉ रवि प्रकाश गुप्ता ने कहा कि उत्तरप्रदेश में 'नगरपालिका' के तीनों प्रकारों नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद तथा नगर निगम का चुनाव होने जा रहा है।निश्चय ही आप इस तथ्य से भी अवगत होंगें कि वर्ष 1992 में हुए 74वें संविधान संशोधन के द्वारा नगरपालिका को भी पंचायत की तरह नगरीय क्षेत्र की 'स्व-सरकार' का दर्जा मिल गया है। यह अब भारतीय राज्य व्यवस्था की तीसरी सरकार है।
लेकिन अफसोस है कि अभी भी इसे नगरीय निकाय' या 'अर्बन लोकल बॉडी के रूप में संबोधित किया जाता है और उसके साथ वैसा व्यवहार भी होता है। संविधान ने वार्ड समिति तथा अन्य समिति के माध्यम से नगर के वयस्क नागरिको को स्वयं सरकार की भूमिका में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर दिया है, लेकिन राज्य के अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान के न होने तथा नागरिकों में जानकारी के अभाव में यह भागीदारी संभव ही नहीं हो पा रही है।चुनाव का यह अवसर नागरिक व प्रत्याशी दोनों के लिए भारतीय राज्य व्यवस्था की स्व-सरकार रूपी तीसरी सरकार को ठीक से समझने व चुनने का अवसर है।इसी आशय के साथ तीसरी सरकार अभियान जो विगत 9 वर्षों से देश में स्व-सरकार के रूप में पंचायतों के संस्थागत विकास के लिए सक्रिय है, उसने नगरपालिका को भी सेल्फ गवर्नमेंट के रूप में प्रतिष्ठित करने हेतु नगर स्वराज्य अभियान की शुरुआत की है। इस चुनाव में नगर स्वराज" के लिए बेहतर नगर सरकार के चुनाव हेतु वयस्क नागरिको के लिए जागरुकता आवश्यक है।
