स्वामी हरशंकरानंद जी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में आधुनिक ब्लड बैंक का हुआ उद्घाटन

रक्तदान एक मदद ही नहीं अपितु स्वास्थ्यप्रद प्रक्रिया भी है क्योंकि नियमित रक्तदान करने से बोन मैरो को हर बार रक्त बनाना पड़ता है। जिससे शरीर को फायदा पहुँचता है।" यह उद्गार व्यक्त किया वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने, मौका था ब्लड बैंक के उद्घाटन का। 

संतमत अनुयायी आश्रम मठ गड़वाघाट के स्वास्थ्य न्यास द्वारा संचालित स्वामी हरशंकरानन्द जी हास्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, नेवादा सुन्दरपुर में नवनिर्मित आधुनिक ब्लड बैंक और कम्पोनेंट सेन्टर के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में शहर के नगर प्रमुख, तथा चिकित्सा क्षेत्र के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हास्पिटल के प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में सर्वप्रथम नवनिर्मित "ब्लड बैंक" का फीता काटकर उद्घाटन किया गया, "ब्लड बैंक" के अवलोकन के बाद सभागार में आयोजित गोष्ठी में पहले स्वामी हरशंकरानन्द जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।

तत्पश्चात् मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी, विशिष्ट अतिथि प्रो० राणा गोपाल सिंह, प्रो० बी०के० शुक्ला पूर्व निदेशक चिकित्सा संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं प्रो० जे०पी०लाल चांसलर सेन्ट्रल युनिवर्सिटी झारखण्ड, का पुष्पगुच्छ एवं फूल मालाओं से स्वागत किया गया। स्वागत भाषण करते हुए संतमत अनुयायी आश्रम व स्वामी हरशंकरानन्द जी हास्पिटल के सचिव/प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने आज के समय में रक्त बैंक की जरूरत एवं अतिथियों को प्रोत्साहन की, एवं हास्पिटल द्वारा किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अशोक तिवारी ने कहा कि आम लोग रक्त दान से दूर रहते हैं, पुरानी रूढ़ियों से ग्रस्त वे आगे नहीं आते। जबकि रक्तदान सिर्फ महादान ही नहीं अपितु स्वास्थ्य के लिए अपरिहार्य है। 

विशिष्ट अतिथि प्रख्यात नेफ्रोलाजिस्ट, पूर्व निदेशक चिकित्सा संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, प्रो० राणागोपाल सिंह ने रक्तदान की महत्ता और उसके प्रति लोगों को जागरूक करने पर बल दिया। झारखण्ड केन्द्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो० जे०पी० लाल ने कहा कि आपका रक्त किसी को नया जीवन दे सकता है इसलिए रक्तदान आवश्य करें। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व रेक्टर व कार्यवाहक कुलपति रहे प्रो० बी०के० शुक्ला ने कहा कि रक्तदान वस्तुतः जीवन रक्षक है, यह मानवता का प्रतीक है। जो जाति-पन्थ, धर्म आदि से परे लोगों को एकजुट करता है। स्वामी हरशंकरानन्द जी हास्पिटल का यह प्रयास सराहनीय है। अन्त में प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न द्वारा सम्मानित किया। कार्यक्रम में ब्लड बैंक के संयोजक जय सिंह के साथ डा० आलोक, डा० यशवेन्द्र, डा० ललित, अमित श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, आशुतोष सिंह, अखिलेश कुमार, सोनाली, अभिशेष, अनूप, अनिल, नरेश, विक्रान्त सहित सभी छोटे बड़े कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा संचालन डॉ० अजय कुमार चौबे ने किया।


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