सहारनपुर जिले की इंदिरा कॉलोनी में बने करीब 300 मकानों पर अब प्रशासन की नजर है। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग ने 45 साल बाद इस जमीन पर दावा ठोकते हुए कहा है कि यह उसकी संपत्ति है। इसी के बाद प्रशासन ने कॉलोनी में बने मकानों को अवैध कब्जा मानते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।कॉलोनी के कई घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हुए हैं। प्रशासन ने मकान मालिकों को तीन से चार दिन का नोटिस देकर घर खाली करने को कहा है।
चेतावनी दी गई है कि अगर समय सीमा में घर नहीं खाली किए गए, तो बुलडोजर चलाया जाएगा।इस कार्रवाई से कॉलोनी के लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। निवासियों का कहना है कि उन्होंने वैध तरीके से घर बनाए हैं और सरकार की योजना के तहत उन्हें आवास मिला था। अब इतने वर्षों बाद अचानक कार्रवाई होना अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक है।प्रशासन का कहना है कि जमीन सिंचाई विभाग की संपत्ति है और इस पर बनी कॉलोनी अवैध है। विभागीय स्तर पर जांच चल रही है और प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।यह विवाद यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी और वर्षों पुराने भूमि विवाद आम नागरिकों को परेशान कर देते हैं।

