राष्ट्रीय दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ा लालपुर में चल रहे गांधी शिल्प बाजार में इन दिनों ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार एवं पूर्वांचल निर्यातक संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह 10 दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी देशभर के शिल्पकारों और बुनकरों के अनूठे उत्पादों का संगम बनी हुई है।पूर्वांचल निर्यातक संघ के अध्यक्ष रघु मेहरा ने बताया कि मेले की शुरुआत के एक हफ्ते के भीतर ही करीब 40 लाख रुपये की खरीदारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के लगभग सभी प्रांतों — कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर, मुंबई से लेकर असम, दार्जिलिंग और नागालैंड तक के हस्तशिल्पी अपने विशेष उत्पादों के साथ उपस्थित हैं, जिन्हें लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।
मेले में कुल्लू, हिमाचल और कश्मीर के ऊनी वस्त्र, लेदर जैकेट, नागालैंड के ड्राई फ्लावर क्राफ्ट, झारखंड की मधुबनी पेंटिंग, बिहार की भागलपुरी साड़ी, मैसूर की हैंड पेंटिंग, असम की बांस कारीगरी, गुजरात की भुज प्रिंटिंग और एंब्रॉयडरी, तथा राजस्थान की आर्टिफिशियल ज्वेलरी जैसे आकर्षक उत्पाद उचित मूल्यों पर उपलब्ध हैं।पूर्वांचल निर्यातक संघ के पूर्व अध्यक्ष नवीन कपूर ने कहा कि काशीवासियों का सहयोग हस्तशिल्पियों के उत्साह को बढ़ाएगा और देश में हाथ से बनी वस्तुओं की मांग को प्रोत्साहित करेगा।इस अवसर पर संघ के कोषाध्यक्ष राजेश कुशवाहा, अनिल अग्रवाल, अमिताभ सिंह, सरिता वर्मा एवं रईस अहमद ने काशीवासियों से अधिक से अधिक हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की।

