काशी और तमिलनाडु के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए आयोजित काशी तमिल संगमम् 4.0 के लिए वाराणसी पूरी तरह तैयार है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में होने वाले इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और आईआईटी (बीएचयू) शैक्षणिक साझेदार की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों संस्थान 2 से 15 दिसंबर 2025 तक सात विशिष्ट समूहों के लिए विषय-आधारित शैक्षणिक सत्रों की श्रृंखला का आयोजन करेंगे।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि काशी तमिल संगमम् की शुरुआत से ही बीएचयू इसकी प्रमुख साझेदार संस्था रहा है। इस बार भी विश्वविद्यालय और आईआईटी (बीएचयू) की ओर से अतिथियों के स्वागत और शैक्षणिक- सांस्कृतिक अनुभवों को समृद्ध बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।अतिथियों को काशी की विद्यानिष्ठ और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए परिसर भ्रमण, संग्रहालय और पुस्तकालयों का अवलोकन, शोध प्रयोगशालाओं का दौरा और विभिन्न शैक्षणिक संसाधनों से परिचय कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। कुलपति ने कहा कि काशी सदियों से ज्ञान, चिंतन और आध्यात्मिकता की भूमि रही है। काशी तमिल संगमम् दो महान संस्कृतियों के मिलन और ज्ञान-साझाकरण का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

