स्वच्छ परिवहन और हरित ऊर्जा की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वाराणसी में आज देश का पहला स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल जलयान औपचारिक रूप से गंगा में परिचालन के लिए शुरू कर दिया गया। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट पर हरि झंडी दिखाकर जलयान का शुभारंभ किया। इस लॉन्च के साथ ही गंगा में पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन को नई गति मिली है। यह जलयान अब नमो घाट से रविदास घाट के बीच सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक वॉटर टैक्सी सेवा के रूप में चलेगा। संचालन की जिम्मेदारी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को दी गई है।
जलयान में 50 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, हालांकि किराया अभी तय नहीं किया गया है।इस उन्नत जलयान का निर्माण और डिजाइन कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है। हाइड्रोजन आधारित संचालन के लिए रामनगर मल्टीमॉडल टर्मिनल पर विशेष पंपिंग स्टेशन तैयार किया गया है। हाइड्रोजन की आपूर्ति बेंगलुरु की न्यू इंडिया कंपनी द्वारा की जाएगी।परिवहन मंत्रालय के अनुसार, हाइड्रोजन से जलयान का संचालन सीएनजी से भी सस्ता साबित होगा, हालांकि शुरुआती चरण में सिलेंडर बेंगलुरु से आने के कारण लागत थोड़ी अधिक रहेगी।लॉन्चिंग कार्यक्रम के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने इसे वाराणसी के जलमार्ग परिवहन में “बड़ा बदलाव” बताते हुए सराहा। यह पहल न केवल हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगी बल्कि गंगा किनारे पर्यटन को भी आधुनिक दिशा देगी।
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