मथुरा में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों दोस्तों के शव आज जब उनके घर पहुंचे, तो माहौल चीख-पुकार से भर गया। जिस घर में कल तक हंसी-ठिठोली की गूंज थी, आज वहीं मातम पसरा हुआ है।शव देखते ही एक मां फूट-फूटकर रो पड़ी—मेरे लाल उठ जाओ… देखो मां आ गई है… क्यों छोड़कर चले गए?”उनकी चीख सुनकर आसपास खड़े लोग भी अपने आंसू रोक नहीं पाए।परिवार के सदस्यों ने कफन से लिपटकर अपने बेटों को अंतिम बार छूने की कोशिश की, मानो शायद वो जाग जाएं।
गांव के गलियारों में सन्नाटा और हर चेहरे पर गम की लकीरें साफ दिख रही थीं। रिश्तेदारों और दोस्तों की भीड़ गम में डूबी हुई थी, और हर कोई बस यही पूछ रहा था कि आखिर इन मासूम जिंदगियों की गलती क्या थी।हादसे में मारे गए तीनों दोस्त बचपन से एक साथ थे—स्कूल, खेल, त्योहार, सपने… सब कुछ उन्होंने साथ जिया। आज उनकी अर्थियों का एक साथ उठना पूरे गांव के लिए दिल दहला देने वाला दृश्य बन गया।लोगों के बीच बस एक ही बात थी—काश वो रात सड़क पर न निकले होते… काश यह हादसा न हुआ होता…”यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, तीन परिवारों की दुनिया उजड़ने की कहानी है।
Tags
Trending

