कुख्यात अपराधी का अंत,लेकिन उसके गैंग की परछाइयाँ अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं

शामली | जिले में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई तेज मुठभेड़ में 50 हज़ार का इनामी अपराधी व हिस्ट्रीशीटर समयदीन उर्फ़ सामा ढेर हो गया। मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की और बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में समयदीन मार गिराया गया, जबकि उसके 5 साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।फायरिंग के दौरान एक हेड कांस्टेबल को गोली लगी, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए—32 बोर की पिस्टल एक अन्य पिस्टलएक तमंचा पुलिस का कहना है कि यह गैंग लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई आपराधिक वारदातों में शामिल था।


ढेर हुए बदमाश समयदीन उर्फ़ सामा पर—करीब 32 मुकदमे दर्ज थेवह इलाके का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर माना जाता था कई जिलों की पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थीउसकी मौत को पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि वह अपने गैंग का मुख्य संचालक और सबसे हिंसक सदस्य था।हांलाकि मुख्य आरोपी के मारे जाने के बावजूद उसके गैंग के अन्य 5 साथी अब भी फरार हैं।पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दबिशें दे रही हैं, और आसपास के जंगलों व गांवों में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।बड़ा अपराधी खत्म हुआ है, लेकिन गैंग के बाकी सदस्य अब भी कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्हें जल्द पकड़ा जाएगा।”शामली की यह मुठभेड़ एक ओर जहां पुलिस की बड़ी सफलता है, वहीं दूसरी ओर यह याद दिलाती है कि अपराध की जड़ें कितनी गहरी हैं।गैंग के बचे हुए सदस्य अब पुलिस के रडार पर हैं, और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।



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