उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा के नेतृत्व में आयोजित ‘यूपी पुलिस मंथन’ सम्मेलन ने देश में पुलिसिंग के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सम्मेलन अपनी व्यापकता, पेशेवर दृष्टिकोण और दूरदर्शी सोच के चलते पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है।देश में पहली बार किसी राज्य में इस स्तर का इतना सुव्यवस्थित, गंभीर और विजनरी पुलिस सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पुलिसिंग से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया।
सम्मेलन की खास बात यह रही कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सभी 13 सत्रों में मौजूद रहे। प्रत्येक सत्र 50 मिनट से अधिक समय तक चला, जिसमें कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पुलिस सुधार जैसे अहम मुद्दों पर 360 डिग्री चर्चा हुई।सम्मेलन के सफल आयोजन में गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की भी अहम भूमिका रही। उनकी सक्रियता और प्रशासनिक समन्वय से कार्यक्रम को प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सका।
पुलिस अधिकारियों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच हुए इस संवाद को पुलिसिंग के भविष्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।यूपी पुलिस मंथन’ ने न केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को नई दिशा दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सशक्त नेतृत्व, स्पष्ट विजन और बेहतर समन्वय से पुलिस व्यवस्था को और अधिक जन-हितैषी व प्रभावी बनाया जा सकता है। सम्मेलन की सफलता के बाद अन्य राज्यों द्वारा भी इस मॉडल को अपनाने की संभावना जताई जा रही है।

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