आध्यात्मिक नगरी काशी में एक बार फिर अघोर परंपरा और सनातन संस्कृति की दिव्य झलक देखने को मिल रही है। महाश्मशान हरिश्चंद्र घाट स्थित अघोरपीठ पर पौष मास की पूर्णिमा से लेकर चैत्र माह की पूर्णिमा तक अनवरत चलने वाले विशेष अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रारंभ हो गई है।
इस अवसर पर परंपरागत विधि-विधान के साथ एक भव्य महान अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है।यह दिव्य अनुष्ठान गुरु अघोराचार्य श्री कपाली बाबा के आशीर्वाद एवं श्री ब्रह्महिष्ठा भैरव स्वामी आश्रम ट्रस्ट, काशी के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। अनुष्ठान के अंतर्गत दिवस काल में शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप एवं रुद्र गायत्री हवन किया जा रहा है।
वहीं रात्रि काल में अघोर परंपरा के अनुसार विशेष विधि-विधान से हवन संपन्न होता है, जिसमें केवल परंपरा में दीक्षित साधकों द्वारा ही विशिष्ट आहुतियाँ अर्पित की जाती हैं।इस अनुष्ठान का प्रमुख संचालन रामकृष्ण भैरव द्वारा किया जा रहा है। उनके साथ सार्थक बाबा, ओ.पी. राय, आशीष सिंह, अशोक सिंह, दिव्यांशु सिंह, शशांक श्रीवास्तव, भैरव देवदत्त शर्मा सहित अनेक साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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